जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान को लेकर दिए गए बयान पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. फारूक अब्दुल्ला का नाम लिए बिना एलजी ने कहा कि कुछ लोगों को जम्मू-कश्मीर में आई शांति, स्थिरता और आम नागरिकों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव रास नहीं आ रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग भारत की बजाय उस देश की बात कर रहे हैं, जहां लोग आटे के लिए भी कतारों में खड़े हैं.
एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि जब कश्मीर की पुरानी पीढ़ी के लोग उनसे मिलते हैं तो बताते हैं कि उन्होंने बहुत पहले हालात से समझौता कर लिया था और बदलाव की उम्मीद भी छोड़ दी थी. लेकिन भगवान और खुदा की मेहरबानी से आज उनके जीते जी जम्मू-कश्मीर की तस्वीर बदल गई है. इसके बावजूद कुछ लोगों को यह बदलाव पसंद नहीं आ रहा.
‘ऐसे बयानों से जम्मू-कश्मीर का नुकसान हो सकता है’
एलजी ने कहा कि आज भारत की महिमा दुनिया के हर देश और हर मंच पर स्थापित हो चुकी है. दुनिया के बड़े और ताकतवर देश भी भारत के साथ बातचीत करने में गर्व महसूस करते हैं. उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस हकीकत को समझने के बजाय भारत के मुकाबले दूसरे देश की बात करते हैं. ऐसे लोगों को यह समझना चाहिए कि उनके बयानों से जम्मू-कश्मीर का कितना नुकसान हो सकता है.
‘आम कश्मीरी अब ऐसे लोगों को पहचान चुका है’
उपराज्यपाल ने कहा कि उन्हें खुशी है कि जम्मू-कश्मीर का आम नागरिक, खासकर कश्मीर घाटी का निवासी, अब ऐसे लोगों के चेहरे पहचान चुका है. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भी इस तरह के बयानों को लेकर युवाओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. युवा सवाल उठा रहे हैं कि ऐसे लोगों ने जम्मू-कश्मीर का कितना नुकसान किया, जबकि इनके अपने बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं और ये खुद लंदन, स्विट्जरलैंड एवं देश के बड़े शहरों में लग्जरी जिंदगी जीते हैं. उन्होंने कहा कि वहीं आम कश्मीरी को क्या मिला?.
आतंकियों को उपराज्यपाल की चेतावनी
मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के आम नागरिकों के बीच एक नई चेतना पैदा हुई है. अब इस धरती पर आतंकवाद को दोबारा पनपने की इजाजत नहीं दी जाएगी. उन्होंने कहा कि आतंकवाद और अलगाववाद को लेकर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जो भी जम्मू-कश्मीर को दोबारा हिंसा के रास्ते पर ले जाने की कोशिश करेगा, उसे उसके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा. उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकवाद के बचे हुए तत्वों को भी जल्द समाप्त करने का संकल्प लिया है.
उन्होंने कहा कि जिन लोगों का अस्तित्व आतंकवाद और अलगाववाद की इंडस्ट्री पर निर्भर था, वे अब बेनकाब भी हो चुके हैं और बेरोजगार भी. जम्मू-कश्मीर में अब ऐसे लोगों के लिए कोई जगह नहीं है.
विकास में बाधा डालने वालों को सख्त सजा
उपराज्यपाल ने आम नागरिकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनकी बेहतर जीवनशैली, तरक्की और शांति में बाधा डालने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि स्कूलों और आम जनजीवन में खलल डालने वालों को ऐसी सजा दी जाएगी, जिसे आने वाली सात पीढ़ियां याद रखेंगी.
मनोज सिन्हा का यह बयान ऐसे समय आया है, जब फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान को लेकर दिए गए बयान पर जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बहस छिड़ी हुई है. एलजी ने अपने संबोधन के जरिए बिना नाम लिए फारूक अब्दुल्ला और उनके जैसे नेताओं पर निशाना साधा है.

