How To Grow Moringa Plant: आजकल लोग अपने घर में ही फल और सब्जियां उगाना पसंद कर रहे हैं. इसके लिए बालकनी, छत और छोटे गार्डन में भी गमले रखे जाते हैं. अगर आपको भी घर पर हरी सब्जियां उगाने का शौक है, तो सहजन का पौधा लगा सकते हैं. इसे मोरिंगा और ड्रमस्टिक के नाम से भी जाना जाता है. आमतौर पर लोग सोचते हैं कि सहजन जैसे बड़े पौधे को लगाने के लिए काफी जगह चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है. आप इसे एक बड़े गमले में भी आसानी से उगा सकते हैं. इसकी फलियों के साथ पत्तियों का भी इस्तेमाल खाने में किया जाता है. आइए जानते हैं कि घर पर सहजन का पौधा कैसे लगाएं और इसकी देखभाल कैसे करें.
बीज से तैयार करें सहजन का पौधा
सहजन का पौधा लगाने के लिए आप इसके बीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले बीजों को एक दिन के लिए पानी में भिगोकर रख दें. अगले दिन पानी के ऊपर तैरने वाले बीजों को निकाल दें. बाकी बीज लगाने के लिए तैयार हैं. अब एक गमले में बराबर मात्रा में कोकोपीट और वर्मीकम्पोस्ट मिला लें. ध्यान रखें कि गमले में पानी निकलने के लिए नीचे छेद जरूर हों. अब बीजों को मिट्टी में करीब आधा इंच नीचे डाल दें. सभी बीजों के बीच थोड़ी दूरी रखें. इसके बाद ऊपर से हल्का पानी छिड़क दें. जब मिट्टी की ऊपरी परत सूखने लगे, तभी दोबारा पानी दें. शुरुआत में गमले को ऐसी जगह रखें जहां तेज धूप न आती हो.
पौधा बड़ा होने पर करें दूसरे गमले में शिफ्ट
बीज लगाने के करीब 10 दिन बाद छोटे पौधे निकलने लगते हैं. जब पौधे थोड़े बड़े हो जाएं, तो इन्हें बड़े गमले में लगा दें. सहजन की जड़ें तेजी से फैलती हैं, इसलिए इसके लिए कम से कम 18 इंच का गमला लेना अच्छा रहेगा. गमले के नीचे पानी निकलने के लिए 3-4 छेद होने चाहिए. सबसे पहले गमले में नारियल के छिलके और छोटे कंकड़ डाल दें. इसके बाद बगीचे की मिट्टी, रेत और वर्मीकम्पोस्ट को बराबर मात्रा में मिलाकर गमले में भरें. अब इसमें सहजन का पौधा लगा दें. पौधे को ऐसी जगह रखें जहां रोजाना 3-4 घंटे धूप आती हो.
समय-समय पर डालें खाद और करें कटाई
सहजन के पौधे को अच्छी तरह बढ़ने के लिए समय-समय पर खाद की जरूरत होती है. इसके लिए हर तीन महीने में गमले की मिट्टी में थोड़ी सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट मिला दें. जब पौधा बड़ा होने लगे, तो उसकी ऊपरी टहनी की हल्की कटाई कर सकते हैं. इससे पौधे में दूसरी टहनियां निकलने लगेंगी और वह ज्यादा घना होगा. करीब 3-4 महीने बाद पौधे को ऐसी जगह रखना बेहतर रहेगा जहां उसे सीधी धूप मिल सके.
कितने समय में आने लगती हैं सहजन की फलियां?
बीज से लगाए गए सहजन के पौधे में पहली बार फूल आने पर जरूरी नहीं कि फलियां भी लग जाएं. कई बार शुरुआती फूल गिर जाते हैं. इसके बाद आने वाले फूलों से फलियां लग सकती हैं. पौधे की अच्छी देखभाल करने पर करीब 2 से 2.5 साल में सहजन की फलियां आने लगती हैं. इसके बाद आप घर पर उगी ताजी फलियों का इस्तेमाल सब्जी बनाने में कर सकते हैं.
सर्दियों में पौधे को ठंड से बचाकर रखें
सहजन के पौधे की देखभाल करना ज्यादा मुश्किल नहीं है. इसे समय पर पानी, धूप और खाद देने से यह अच्छी तरह बढ़ सकता है. हालांकि, अगर आपके इलाके में सर्दियों के दौरान ज्यादा ठंड पड़ती है, तो पौधे को पाले से बचाकर रखें. इसके लिए गमले को ऐसी जगह रख सकते हैं जहां बहुत ठंडी हवा सीधे न लगे.
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