अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज इलाज के जरिए ठीक होने की उम्मीद करते हैं, लेकिन अगर उसी जगह किसी खतरनाक बैक्टीरिया का संक्रमण हो जाए तो उनकी परेशानी बढ़ती है. कर्नाटक के एक निजी अस्पताल में हुई स्टडी में ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जुलाई 2021 से दिसंबर 2023 के बीच हुई इस स्टडी में 154 मरीजों के खून में एसिनेटोबैक्टर बाउमानी नाम का बैक्टीरिया मिला. यह बैक्टीरिया कई एंटीबायोटिक दवाओं के असर को बेअसर करता है. नजीता यह हुआ कि मरीजों पर न तो दवाओं का असर हुआ, उल्टा उनकी हालत बिगड़ती चली गई. 30 दिन के अंदर ही 77 फीसदी मरीजों की मौत हो गई.
क्या है एसिनेटोबैक्टर बाउमानी बैक्टीरिया?
एसिनेटोबैक्टर बाउमानी एक ऐसा बैक्टीरिया है, जो अस्पतालों में संक्रमण फैलाने के लिए जाना जाता है. यह खासतौर पर उन मरीजों के लिए खतरनाक साबित होता है, जो पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं या आईसीयू में भर्ती हैं. यह बैक्टीरिया फेफड़ों, खून और शरीर के दूसरे हिस्सों में संक्रमण पैदा करता है. इसकी एक बड़ी चिंता यह है कि इसके कुछ प्रकारों पर कई एंटीबायोटिक दवाएं असर भी नहीं करतीं. ऐसी स्थिति में मरीज का इलाज करना मुश्किल हो जाता है. इसलिए डॉक्टरों के लिए सही जांच के बाद संक्रमण के हिसाब से दवा चुनना जरूरी होता है.
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शुरुआती सात दिन भी खतरनाक
स्टडी में शामिल 154 मरीजों में से 118 की मौत संक्रमण मिलने के 30 दिनों के भीतर हो गई. यह कुल मरीजों का करीब 76.6 प्रतिशत है. रिपोर्ट के अनुसार, 57.1 प्रतिशत मरीजों की मौत संक्रमण के शुरुआती सात दिनों के भीतर हुई. इसके अलावा, आधे से ज्यादा मरीजों में फेफड़ों के संक्रमण की बात सामने आई, जबकि करीब 29 प्रतिशत मामलों में नस में लगी कैथेटर नली से जुड़े संक्रमण की जानकारी मिली. कैथेटर एक पतली नली होती है, जिसका इस्तेमाल मरीज को दवा या तरल पदार्थ देने और कुछ मामलों में खून निकालने के लिए किया जाता है.
साफ-सफाई और सुरक्षा क्यों जरूरी?
अस्पतालों में संक्रमण रोकने के लिए साफ-सफाई, हाथों की स्वच्छता और मेडिकल उपकरणों को सही तरीके से साफ करना जरूरी है. आईसीयू में भर्ती मरीजों और वेंटिलेटर पर रहने वाले लोगों को संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है. ऐसे में डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों को संक्रमण से बचाव के नियमों का पालन करना चाहिए. मरीजों की देखभाल में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की नियमित सफाई का ध्यान रखना चाहिए.
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