प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के दो दिवसीय दौरे के दौरान बनासकांठा जिले के भीलड़ी में 325 करोड़ रुपये की लागत से बने भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBR) का उद्घाटन किया. इस केंद्र का उद्देश्य देशी मवेशियों की नस्लों की गुणवत्ता में सुधार करना और दूध उत्पादन बढ़ाना है. इस दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और बनास डेयरी के अध्यक्ष एवं गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकर चौधरी भी मौजूद रहे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर कहा कि खेती और पशुपालन को केवल परंपरा तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि इन्हें किसानों की आमदनी बढ़ाने और गांवों को समृद्ध बनाने का माध्यम बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार खेती और पशुपालन में विज्ञान और तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा रही है. बनासकांठा में बना रिसर्च सेंटर राष्ट्रीय गोकुल मिशन को और मजबूती देगा. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मैं आखिरी सांस तक लोगों की सेवा करता रहूंगा.
127 एकड़ में बना है पशु प्रजनन और रिसर्च सेंटर
127 एकड़ में फैले इस केंद्र का निर्माण 325 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है. इसकी स्थापना बनास डेयरी ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के तकनीकी मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन के सहयोग से की है. केंद्र में देशी मवेशियों की नस्लों की गुणवत्ता सुधारने और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) और भ्रूण प्रतिरोपण जैसी आधुनिक प्रजनन तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा.
इसका लक्ष्य हर साल 25 हजार उच्च गुणवत्ता वाले भ्रूण तैयार करना है. यहां कांकरेज, गिर, साहीवाल और थारपारकर जैसी देशी गायों की नस्लों के साथ मेहसाणा, बन्नी, जाफराबादी और मुर्रा जैसी भैंसों की नस्लों पर भी काम होगा. सरकार के मुताबिक, केंद्र पशुपालकों को किफायती दरों पर उच्च गुणवत्ता वाला वीर्य, भ्रूण और प्रजनन संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराएगा. इस पहल का मकसद पशुओं के रखरखाव की बढ़ती लागत और चारे की घटती उपलब्धता के बीच डेयरी किसानों को कम पशुओं से अधिक दूध उत्पादन करने में मदद करना है.
PM-KISAN की किस्त भी जारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में पीएम किसान सम्मान निधि का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत करीब 10 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी गई है. गुजरात के 50 लाख से अधिक किसानों को भी इसका लाभ मिला है. बनासकांठा के लाखों किसानों के खातों में करीब 50 करोड़ रुपये पहुंचे हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि अब करोड़ों छोटे किसानों के जीवन का हिस्सा बन गई है. इस योजना के तहत करीब साढ़े चार लाख करोड़ रुपये सीधे छोटे किसानों के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में 85 प्रतिशत से अधिक किसान छोटे किसान हैं, लेकिन पहले उनकी जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया. उनकी सरकार ने छोटे किसानों की चिंता की और पीएम किसान सम्मान निधि के जरिए उन्हें सीधी आर्थिक मदद पहुंचाई.
MSP पर पहले की सरकारों ने किसानों को धोखा दिया: मोदी
प्रधानमंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले की सरकारें किसानों को MSP के नाम पर धोखा देती थीं, जबकि उनकी सरकार ने MSP का वादा पूरा किया है. उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में गेहूं और धान किसानों के खातों में MSP के रूप में 24 लाख करोड़ रुपये पहुंचे हैं. मोदी ने कहा कि खेती देश की परंपरा और संस्कृति का हिस्सा है… पिछले 12 वर्षों में उनकी सरकार ने खेती में विज्ञान और तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया है.
26 करोड़ से ज्यादा किसानों के पास सॉइल हेल्थ कार्ड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सॉइल हेल्थ कार्ड योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले किसानों को यह पता लगाने में परेशानी होती थी कि उनके खेत को किस खाद की कितनी मात्रा की जरूरत है.. सॉइल हेल्थ कार्ड ने इस समस्या का समाधान किया है. उन्होंने कहा कि आज देश के किसानों के पास 26 करोड़ से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड हैं.. इससे खेती के तौर-तरीकों में आधुनिकता आई है और किसानों को मिट्टी की जरूरत के हिसाब से खेती करने में मदद मिल रही है.
राष्ट्रीय गोकुल मिशन और बायो-CNG प्लांट का भी जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत देशी नस्लों के वैज्ञानिक प्रजनन और संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है. बनासकांठा में बना रिसर्च सेंटर इस मिशन को और मजबूती देगा. प्रधानमंत्री ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान दो बायो-CNG प्लांट का शिलान्यास भी किया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि पशु स्वस्थ रहें, दूध उत्पादन बढ़े और गोबर का भी पूरा उपयोग हो.

