बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी कि 3 नवंबर 2026 के कोर्ट के आदेशों का पालन करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 3 नवंबर 2026 के अपने आदेश के पैराग्राफ 1 से 3 को वापस ले लिया है. इस फैसले के बाद महानगरपालिका आयुक्त को जारी कारण बताओ नोटिस और आयुक्त तथा उनके निजी स्टाफ के मासिक वेतन के भुगतान पर लगाई गई रोक भी हटा दी गई है.

सुनवाई के दौरान BMC की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता आर. पी. भट ने कोर्ट को बताया कि 13 नवंबर 2025 और 28 जुलाई 2026 के आदेशों का पालन करने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं. उन्होंने दलील दी कि कोर्ट की अवमानना से जुड़ी स्थिति को सुधार लिया गया है और 3 नवंबर 2026 के आदेश को वापस लेने का अनुरोध किया.

कोर्ट ने BMC की दलीलों पर लिया संज्ञान

भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना शामिल थे, ने BMC की दलीलों पर संज्ञान लिया. हालांकि, कोर्ट ने इस स्तर पर अपने पूर्व निर्देशों के अनुपालन की सीमा पर कोई राय व्यक्त किए बिना 3 नवंबर के आदेश के पैराग्राफ 1 से 3 को वापस ले लिया.

इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने महानगरपालिका आयुक्त को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले वे व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करें. इस हलफनामे में कोर्ट के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों का विस्तृत ब्यौरा देना होगा. हालांकि, 3 नवंबर 2026 के आदेश के पैराग्राफ 5 और 6 प्रभावी रहेंगे.

बोरीवली स्टेशन के पास 1986 से फंसा प्लॉट

मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में बोरीवली स्टेशन के सामने वह प्लॉट स्थित है, जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट ने अश्विनी भिड़े की सैलरी पर रोक लगा दी. यह प्रोजेक्ट 1986 से ही कानूनी विवाद में फंसा हुआ है, जब एक प्राइवेट बिल्डर ने इस जमीन पर हाउसिंग यूनिट्स बनाने के लिए डेवलपमेंट कॉन्ट्रैक्ट किया था. हालांकि, इस जमीन के लिए मूल योजना एक ‘बेस्ट’ (BEST) डिपो बनाने की थी. लेकिन कानूनी विवाद में फंसे रहने के कारण, इस प्लॉट पर अवैध कब्जे बढ़ने लगे.

पिछले साल अगस्त में, सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के एक प्राइवेट बिल्डर को यह जमीन BMC को सौंपने का आदेश दिया था. साथ ही, कोर्ट ने BMC को निर्देश दिया था कि वह तीन महीने के भीतर जमीन का कब्जा ले, अवैध कब्जों को हटाए और यह सुनिश्चित करे कि पिछले साल के अंत तक सब-स्टेशन काम करने लगे.