अमूल ने घी और बटर ₹3 से ₹50 तक महंगा कर दिया है। 1 किलो घी का कार्टन ₹630 से बढ़कर ₹680 का हो गया है। बटर के 100 ग्राम पैक की कीमत ₹63 से बढ़कर ₹66 हो गई है। दाम बढ़ने की वजह गुजरात-राजस्थान में नकली घी के खिलाफ कार्रवाई के बाद ब्रांडेड घी की बढ़ी मांग है। इससे सितंबर 2025 की GST कटौती का फायदा भी काफी कम हो गया है। अमूल के घी और बटर के नए दाम GST घटने के बाद अमूल ने 700 प्रोडक्ट्स सस्ते किए थे सितंबर 2025 में GST की दर घटने के बाद अमूल ने 700 डेयरी प्रोडक्ट्स के दाम कम किए थे। डेयरी प्रोडक्ट्स पर GST 12% से घटाकर 5% किया गया था। उस समय 1 लीटर घी के कार्टन की कीमत ₹650 से घटकर ₹610 हो गई थी। 5 लीटर का टिन ₹3,275 से घटकर ₹3,075 हो गया था। बटर के 100 ग्राम पैक की कीमत ₹62 से घटकर ₹58 हो गई थी। 500 ग्राम पैक ₹305 से घटकर ₹285 का हुआ था। गुजरात में अमूल काउ घी की कमी दाम बढ़ने के साथ लोगों को अमूल के कुछ डेयरी प्रोडक्ट्स मिलने में भी दिक्कत हो रही है। वडोदरा और अहमदाबाद के दुकानदारों ने बताया कि घी का स्टॉक कम चल रहा है। गणेश उत्सव के बाद मांग बढ़ने से काउ घी की उपलब्धता प्रभावित हुई है। मंगलवार को अहमदाबाद के सैटेलाइट इलाके के एक डी-मार्ट आउटलेट में अमूल घी और बटर का स्टॉक नहीं था। यह दिक्कत सिर्फ गुजरात तक सीमित नहीं है। जुलाई और सितंबर में पुणे और कोलकाता में भी सप्लाई रुकने की शिकायतें सामने आई थीं। नकली घी पर कार्रवाई के बाद बढ़ी ब्रांडेड घी की मांग अमूल से जुड़े एक सहकारी नेता ने ब्रांडेड घी की बढ़ी मांग की वजह गुजरात और राजस्थान में नकली प्रोडक्ट्स पर हुई कार्रवाई को बताया। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में दोनों राज्यों के अलग-अलग हिस्सों से करीब 2 लाख किलो नकली घी जब्त किया गया है। उनके मुताबिक, नकली प्रोडक्ट्स के खिलाफ कार्रवाई से लोगों का रुझान अमूल जैसे स्थापित ब्रांड्स की ओर बढ़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि सालभर में घी की कुल खपत का करीब 45% हिस्सा आमतौर पर त्योहारों के मौसम में होता है। इससे सप्लाई पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है। वडोदरा में काउ घी की सप्लाई अब भी कम वडोदरा के पार्लर संचालकों ने बताया कि सप्लाई सुधारने की कोशिशों के बावजूद कमी बनी हुई है। एक संचालक ने कहा कि आउटलेट को सामान्य जरूरत का केवल थोड़ा हिस्सा मिल रहा है। गणपति उत्सव के बाद से अमूल काउ घी की सप्लाई नहीं मिली है। सूत्रों के मुताबिक, पार्लर संचालकों ने हाल में डिस्ट्रीब्यूटर्स से मुलाकात कर घी की उपलब्धता का मुद्दा उठाया था। इसके बाद डिस्ट्रीब्यूशन चैनल को व्यवस्थित किया गया। इसके बावजूद काउ घी की सप्लाई जरूरत के मुताबिक नहीं हो पाई। त्योहारों में मांग बढ़ने से उपलब्धता पर दबाव है। दिवाली की मिठाइयां बनाने में इस्तेमाल होने वाले इन डेयरी प्रोडक्ट्स के दाम भी बढ़े हैं और इन्हें ढूंढना भी मुश्किल हो रहा है।