पूरे देश में दीपावली के जश्न का माहौल है. वहीं रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव 2026 को भव्य और दिव्य स्वरूप देने की तैयारी है. आस्था, अध्यात्म और सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण के संदेश के साथ आयोजित होने वाला दीपोत्सव इस बार आलोकित अयोध्या-अलौकिक अयोध्या की थीम पर केंद्रित रहेगा. शनिवार (7 नवंबर ) को सरयू घाट पर आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. वहीं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे.

दीपोत्सव के आयोजन के जरिए अयोध्या की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का संदेश दिया जाएगा. कार्यक्रम में भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण के अयोध्या आगमन, भगवान राम के राज्याभिषेक और रामकथा की परंपरा को प्रतीकात्मक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा.

दीपोत्सव के दौरान धार्मिक प्रस्तुतियां

दीपोत्सव के दौरान अयोध्या को दीपों, रोशनी और सांस्कृतिक सजावट से आलोकित किया जाएगा. रामायण आधारित झांकियां, धार्मिक प्रस्तुतियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन का प्रमुख आकर्षण होंगे. सरयू घाट पर दीपों की रोशनी के बीच रामनगरी की आध्यात्मिक छटा देखने को मिलेगी.

इस भव्य आयोजन का उद्देश्य भगवान राम के आदर्शों, भारतीय संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाना है. दीपोत्सव के जरिए अयोध्या को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं.

श्रद्धा, संस्कृति, पर्यटन और विकास का संगम

दीपोत्सव 2026 के माध्यम से अयोध्या की धार्मिक विरासत और आधुनिक विकास को एक साथ प्रदर्शित करने की तैयारी है. सरकार का जोर अयोध्या को ऐसी पहचान देने पर है, जहां श्रद्धा, संस्कृति, पर्यटन और विकास का संगम दिखाई दे. राम की पैड़ी से लेकर सरयू घाट तक दीपोत्सव की भव्यता रामनगरी को एक नई सांस्कृतिक पहचान देने के साथ देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करेगी.

2,100 से अधिक ड्रोनों का हवाई शो

अयोध्या में सरयू नदी के 55 से अधिक घाटों और राम की पैड़ी पर 30 से 35 लाख से अधिक मिट्टी के दीये (diyas) एक साथ प्रज्वलित किए जा रहे हैं, जो अपने आप में एक नया विश्व रिकॉर्ड है. इस बार का मुख्य आकर्षण 2,100 से अधिक ड्रोनों का हवाई शो और भव्य लेजर मैपिंग शो है, जिसके जरिए आकाश में रामायण के प्रसंगों और प्रभु श्रीराम के जीवन चरित्र को जीवंत किया जा रहा है.दीपोत्सव सिर्फ दीप जलाने का आयोजन नहीं, बल्कि रामनगरी की वैश्विक धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान और सनातन विरासत के पुनर्जागरण का प्रतीक.

कार्यक्रम की पूरी डिटेल

शोभायात्रा- दीपोत्सव कार्यक्रम अंतर्गत साकेत महाविद्यालय से निकलने वाली 21 शोभायात्रा झांकियों को सुबह 10 बजे पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. यह झांकिया साकेत महाविद्यालय से रामपथ होते हुए रामकथा पार्क तक पहुचेंगी. मुख्यमंत्री योगी1.25 बजे- लखनऊ से प्रस्थान करेंगे और 2 बजे अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचेंगे. 2 बजे से 2.35 तक- उपराष्ट्रपति का अभिनन्दन होगा. 2.55 बजे से 3.05 तक श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर का दर्शन और पूजन होगा.

3.10 बजे से-3.25 तक- शोभायात्रा व प्रदर्शनी का अवलोकन

3.30 से 3.40 तक- श्रीराम सीता का अवतरण और भरत मिलाप

3.45 से 5.15 बजे तक- श्रीराम राज्याभिषेक और संत जन सम्मान एवं विभिन्न कार्यक्रम

5.20 से 5.30 तक – आरक्षित सरयू अतिथि गृह

5.35 से 5.55 तक- सरयू आरती कार्यक्रम

6.00 से 7.50 तक- दीपोत्सव मुख्य कार्यक्रम और 3डी प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर शो,ड्रोन शो इत्यादि

7.50 बजे- प्रस्थान, राम की पैड़ी से

8.10 बजे से 8.15- उपराष्ट्रपति जी की विदाई

8.40 बजे से 9.25 तक- अंतर्राष्ट्रीय व भारतीय रामलीलाओं का मंचन,प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरण

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन होंगे मुख्य अतिथि

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित इस ऐतिहासिक 10वें दीपोत्सव के मुख्य अतिथि भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन होंगे. साथ ही उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे. इसके अलावा कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित प्रदेश सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी शामिल होंगे.