दिल्ली और 6 राज्यों (दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नागालैंड) में मतदाता सूची की SIR प्रक्रिया चल रही है. ऐसे में जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट लिस्ट से इसलिए कट गए थे, उनके पास एक और मौका है. वे बस SIR का फॉर्म दोबारा भरकर अपना नाम वापस लगवा सकते हैं. उन्हें नया वोटर बनने वाला फॉर्म-6 या पते बदलने वाला फॉर्म-8 नहीं भरना पड़ेगा. ये सुविधा ऐसे वोटर्स के लिए जो घर पर नहीं मिले, कहीं और चले गए, मर चुके बताए गए, या नाम दो बार था, और इन सब वजहों से उनका फॉर्म भी जमा नहीं हुआ था.
चुनाव आयोग ने इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को लिखे एक पत्र में कहा है कि ASDD मतदाता अपना फॉर्म (EF) इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर या बूथ-लेवल ऑफिसर (BLO) के पास ऑफलाइन या ऑनलाइन फॉर्म जमा कर सकते हैं. इसके साथ उन्हें एक संलग्नक (annexure) भी देना होगा, जिसमें यह बताया गया हो कि वे पहले अपना फॉर्म क्यों जमा नहीं कर पाए थे. साथ ही, उन्हें ये घोषणा भी करनी होगी कि उन्होंने SIR के दौरान नए सिरे से रजिस्ट्रेशन के लिए ‘फॉर्म 6’ जमा नहीं किया है.
बीएलओ के जरिए लेंगे जानकारी
अगर कोई मतदाता उसी राज्य के अंदर कहीं और शिफ्ट हो गया है, तो उसे अपना फॉर्म (EF) और साथ वाला कागज (अनुलग्नक) उस नए इलाके के चुनाव अधिकारी (ERO) के पास जमा करना होगा, जहां वह अब रहता है. चुनाव आयोग ने कहा है कि जिन लोगों के नाम कट गए थे, उनके अधूरे भरे फॉर्म सिस्टम में फिर से बन जाएंगे. जिला अधिकारी और चुनाव अधिकारी, बूथ वाले कर्मचारी (BLO) के जरिए इन लोगों से संपर्क करने की पूरी कोशिश करेंगे.
जिला चुनाव अधिकारी और ERO यह पक्का करेंगे कि मतदाताओं तक उनका फॉर्म (EF) पहुंच जाए. फॉर्म या तो कागज पर (हार्ड कॉपी) दिया जाएगा, या WhatsApp, SMS या ईमेल से भेजा जाएगा (जहां नंबर या ईमेल उपलब्ध हों). यहां जो मतदाता प्रभावित हैं, वे अपना पुराना वोटर कार्ड नंबर डालकर ECINet वेबसाइट से खुद फॉर्म डाउनलोड करके भर सकते हैं.
चुनाव आयोग के बीएलओ को क्या निर्देश?
ASDD वाले मतदाताओं की बूथ के हिसाब से सूची नोटिस बोर्ड पर फिर से लगाई जाएगी. ये लिस्ट CEO की वेबसाइट पर भी डाली जाएगी. चुनाव आयोग ने BLO को निर्देश दिया है कि वे ASDD चिह्नित मतदाताओं से संपर्क करें. इसके लिए वे घर-घर जाकर, पड़ोसियों से पूछकर, परिवार वालों से बात करके, RWA से पूछताछ करके या उपलब्ध फोन नंबर से संपर्क कर सकते हैं. ऐसे मतदाताओं से मिले EF फॉर्म पर ERO पहले जांच करेंगे कि व्यक्ति वोट डालने के लायक है या नहीं और वह वाकई उसी जगह रहता है या नहीं. मौके पर जाकर भी जाँच की जाएगी. इसके बाद ही ERO जरूरी कार्रवाई करेंगे और मामला निपटाएंगे.

