Shah Rukh Khan Birthday: बॉलीवुड के किंग कहे जाने वाले शाहरुख खान 2 नवंबर को अपना जन्मदिन सेलिब्रेट करते हैं. उन्होंने दिल्ली से निकलकर जिस तरह मायानगरी मुंबई और दुनियाभर में स्टारडम हासिल किया, उनकी जिंदगी का वो सफर किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं है. आज वो सिर्फ एक एक्टर नहीं, बल्कि एक ऐसे सुपरस्टार हैं, जिनके नाम की गूंज कई देशों में सुनाई देती है. कोई उन्हें SRK कहता है, तो कोई उन्हें बादशाह बुलाता है, तो कोई किंग कहता है. इसमें कोई दो राय नहीं कि उनकी जीतोड़ मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है, लेकिन अगर उनके जीवन पर नजर डालें तो पता चलता है कि उन्होंने अपने जीवन में कुछ ऐसे रिस्की फैसले भी लिए, जिनकी वजह से वो यहां तक पहुंचे.
शाहरुख ने कभी भी अपनी जिंदगी में आसान रास्ते की ओर कदम नहीं बढ़ाया. जहां उस दौर में लोग नेगेटिव रोल करने से बचते थे ताकि कहीं उनकी हीरो वाली इमेज को नुकसान न पहुंचे, ऐसे शाहरुख पर्दे पर विलेन बने. उन्होंने इसी तरह के और भी कई फैसले लिए, जिनसे वो कहलाए किंग. अगर उनके वो फैसले सही साबित नहीं होते, तो शायद आज वो बॉलीवुड के बादशाह न होते. शाहरुख 61 साल के हो चुके हैं. इस मौके पर चलिए नजर डालते हैं करियर में लिए गए उनके द्वारा 5 रिस्की फैसलों पर.
टीवी छोड़ फिल्मों में किस्मत आजमाना
शाहरुख ने अपने करियर की शुरुआत ‘फौजी’ टीवी शो से की थी. कुछ सालों तक वो टीवी की दुनिया का हिस्सा रहे और फिर 1992 में उन्होंने ‘दीवाना’ से फिल्मों में डेब्यू किया. उस समय छोटे पर्दे से बड़े पर्दे का रुख करना आज के दौर की तरह आसान नहीं था, लेकिन फिर भी कई सारे टीवी शोज करने के बाद भी उन्होंने बॉलीवुड में नए सिरे से शुरुआत की.
विलेन का किरदार चुनना
जहां शुरुआती दौर में लोग हीरो वाले किरदार की तलाश में रहते हैं, विलेन का रोल करने से बचते हैं, ऐसे में शाहरुख ने ‘बाजीगर’ और ‘डर’ जैसी फिल्मों में इस तरह के नेगेटिव किरदार निभाए, जिसे बाकी एक्टर्स ने इसलिए रिजेक्ट कर दिया था कि कहीं नेगेटिव रोल करने से उनकी हीरो वाली इमेज को नुकसान न पहुंचे. इस तरह का रोल करना शाहरुख के हीरो बनने के सफर में रिस्की हो सकता था, लेकिन उसी फैसले ने उन्हें बाजीगर बना दिया.
DDLJ के राज को स्वीकार करना
पर्दे पर नेगेटिव रोल के जरिए ही शाहरुख छा गए थ. वो अपना करियर उसी दिशा में आगे बढ़ा सकते थे, लेकिन उन्होंने ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ (DDLJ) जैसी रोमांटिक फिल्म स्वीकार की. ऐसा संभव हो सकता था कि दर्शक उन्हें रोमांटिक रोल में कुबूल न करते, लेकिन इस फिल्म ने तो उन्हें रोमांस का सुपरस्टार बना दिया. DDLJ न सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों में भी खूब देखी गई.
स्टारडम पाने के बाद भी अलग-अलग तरह की फिल्में करना
शाहरुख खान एक ऐसे एक्टर हैं, जिन्होंने स्टारडम पाने के बाद भी, सुपरस्टार बनने के बाद भी, हमेशा अलग-अलग तरह की फिल्में चुनी. न वो नेगेटिव रोल पर टिके रहे और न सिर्फ रोमांटिक फिल्मों तक सीमित रहे. वो कभी ‘स्वदेस’ में NASA के साइंटिस्ट बने तो कभी ‘चक डे इंडिया’ में हॉकी कोच. उन्होंने कभी VFX से लैस ‘रा.वण’ बनाई तो कभी ‘जीरो’ में छोटे कद के आदमी का रोल किया. यानी वो हमेशा एक्सपेरिमेंट करते रहे. कुछ दफा एक्सपेरिमेंट फेल भी हुए, लेकिन वो हारे नहीं.
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प्रोडक्शन हाउस और VFX स्टूडियो
शाहरुख जितने बेहतरीन एक्टर हैं, उतने ही अच्छे बिजनेसमैन भी हैं. जहां कई एक्टर सिर्फ एक्टिंग तक सीमित रहते हैं, तो वहीं उन्होंने 2002 में अपनी पत्नी गौरी के साथ मिलकर प्रोडक्शन कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट की शुरुआत की. आज के समय में ये कंपनी न सिर्फ एक प्रोडक्शन हाउस है बल्कि एक VFX कंपनी भी है. इसके अलावा शाहरुख ने कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी IPL टीम भी खरीदी. प्रोडक्शन कंपनी खोलना समेत IPL फ्रेंचाइजी जैसे फैसले उनके लिए रिस्की भी हो सकते थे, लेकिन रिस्क ने SRK को किंग बना दिया.

